Saturday, January 17, 2009

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Wednesday, July 23, 2008

"संगमकाल और शिलप्पदिकारम" एपिसोड से एक गीत का हिस्सा

सोने के आभूषणवाली गुणशालिनी आई है...

Friday, July 04, 2008

वनराज भाटिया का यादगार संगीत और वसंत देव के बाकमाल शब्द

जब भारत एक खोज के आरंभिक गीत का ज़िक्र होता है तब वनराज भाटिया और वसंत देव के प्रति सम्मान में सिर झुक जाता है. संस्कृत की रचना को जिस दिलकश अंदाज़ में उन्होंने पेश किया उसकी मिसाल ढूँढे नहीं मिलती.

ऋग्वेद के दशम मंडल से लिये गये इस नासदीय सूक्त ने इतिहास रचा है. जिन स्वरों ने इसकी विश्वसनीयता बढाई है उन्हे भी सलाम।

भारत एक खोज के डीवीडीज़ अब बिकने लग गये हैं.


अवधि 3'.45"


Tuesday, July 01, 2008

भारत एक खोज के डीवीडी अब बिकने लग गए हैं

आख़िरकार 27 जून 2008 को भारत एक खोज के डीवीडीज़ का लोकार्पण हो गया. दूरदर्शन के मंडी हाउस स्थित स्टूडियो में एक बडे ही सादे और शालीन समारोह में यह लोकार्पण सूचना-प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी के हाथों हुआ. कार्यक्रम में ओमपुरी और श्याम बेनेगल भी थे. रोशन सेठ ने हाल ही में अपना घर बदला है और अपना नया पता सूचित नहीं किया इसलिये पुराने पते से उनका निमंत्रणपत्र वापस आ गया. मोबाइल फ़ोन वो रखते नहीं हैं.

श्याम बेनेगल ने भारत एक खोज बनने के दिनों को बहुत हार्दिकता से याद किया और इस सीरियल के महत्व को रेखांकित किया. ओमपुरी ने भी इसी तरह के अहसास ज़ाहिर किये... दूरदर्शन के आर्काइव्स ने इस मौक़े पर श्याम बेनेगल और ओमपुरी के साथ एक-एक एक्सक्ल्यूसिव इंटरव्यू भी रिकॉर्ड किये. श्याम के साथ बातचीत ज़ियाउस्सलाम ने की और ओम के साथ के.विक्रम सिंह ने. ओम से आख़ीर में विक्रम ने पूछा कि भारत एक खोज से निजी तौर पर उन्होंने क्या सीखा, तो उनका जवाब था- रामायण में रावण की भूमिका करते हुए उसीकी एक बात कहूँगा जो मुझे इंस्पायर करती है- "कोई अच्छा विचार आए तो उसे फ़ौरन कर डालो, और कोई बुरा विचार मन में आए तो उसे करने से पहले थोडा रुको."

प्रीमियम पैक-बीस हज़ार रुपये;
इकॉनॉमी पैक-तेरह हज़ार रुपये क़ीमत वाले ये डीवीडी सेट सचमुच बेशक़ीमती है-


संपर्क करें-
ईमेल ddarchives@dd.nic.in
फ़ोन- 011-23421271

Sunday, December 16, 2007

आवाज़ें- जो हमें बीती यादों में ले जाती हैं

आज इतनी आवाज़ों के बीच हमें ये आवाज़ें कितनी अपनी सी लगती हैं. ये उन दिनों की ध्वनियाँ हैं जब बुद्धू बक्सा उतना बुद्धू नहीं था. हमारे सामने इतिहास और संस्कृति जिस रोचक अंदाज़ में अनफोल्ड हो रही थी, ऐसा लगता था कि हमने इतिहास क्या पढा, घास काटी थी. हमारी उबाऊ शिक्षा-पद्धति पर ऐसा सीरियल हज़ार गुना भारी था. यहाँ मैं भारत एक खोज का ओपनिंग साँग पहले जारी कर चुका हूँ . अब पेश है क्लोज़िंग साँग भी- ओपनिंग वाले के साथ.

एपिसोड-11, चाणक्य और चन्द्रगुप्त पार्ट-1 का शुरुआती दृश्य
सत्यदेव दुबे और रवि झाँकल


सृष्टि से पहले सत नहीं था


वह था हिरण्यगर्भ सृष्टि से पहले विद्यमान

Wednesday, November 28, 2007

नये डीवीडी संस्करण का कवर

Thursday, August 23, 2007

सृष्टि से पहले सत नहीं था

ॠग्वेद के दशम मंडल से नासदीय सूक्त. यह है भारत एक खोज का ओपनिंग सॊंग.






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इरफ़ान
मैं मिर्ज़ापुर के घुरमा मारकुंडी में पैदा हुआ. इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में पढ़ा और समकालीन जनमत के साथ पटना होता हुआ दिल्ली पहुंचा. यहां स्वतंत्र पत्रकारिता, लेखन और ऒडियो-विज़ुअल प्रोडक्शन्स में लगा हुआ हूं. ईमेल ramrotiaaloo@gmail.com
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मीटर

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